अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati)
अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati) बवासीर एक सामान्य आयुर्वेदिक दवा है। यह औषधि दोनों प्रकार की बवासीर (खूनी और बादी) के लिए बहुत अच्छी दवा है। हालांकि खूनी बवासीर के उपचार के लिए यह ज्यादा में फायदेमंद है। इसके प्रयोग से 1 से 3 दिनों में रक्तस्राव बंद हो जाता है। यदि इस वटी का सेवन नियमित रूप से किया जाए तो बवासीर जड़ से नष्ट हो जाता है और बादी के बढ़े हुए कठोर मस्से सूख जाते हैं।
अर्शोघ्नी वटी में मौजूद कई घटक द्रव्य गुदा की जलन, परेशानी, खुजली और मस्से की सूजन कम करने में सहायक सिद्ध होते है।
कब्ज बवासीर का मुख्य कारण होता है जो नसों पर दबाव बढ़ता है और नसों की सूजन का कारण बनता है। कब्ज को राहत देने के लिए, अर्शोघ्नी वटी का उपयोग स्वादिष्ट विरेचन चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, पंच साकार चूर्ण, अभयारिष्ट, या भृंगराजासव आदि के साथ में कारण चाहिए।
घटक द्रव्य एवं निर्माण विधि
अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati) में निम्नलिखित घटक द्रव्यों है:
| निंबोली (नीम के फल की मींगी) | 2 भाग (24 ग्राम) |
| बकायन के फल की मींगी | 2 भाग (24 ग्राम) |
| खून खराबा (यूनानी दमउल अखवेन) | 2 भाग (24 ग्राम) |
| तृणकांत (यूनानी कहरवा) | 1 भाग (12 ग्राम) |
| शुद्ध रसौत (दारुहल्दी का घन सत्व) | 6 भाग (72 ग्राम) |
निर्माण विधि
अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati) के निर्माण के लिए नीम के फल की मींगी 24 ग्राम, बकायन के फल की मींगी 24 ग्राम, खून खराबा (यूनानी दमउल अखवेन) 24 ग्राम, तृणकांत (यूनानी कहरवा) मणि की अर्क गुलाब से बनाई गई पिष्टी 12 ग्राम, शुद्ध रसौत (दारुहल्दी का घन सत्व) 72 ग्राम लें। सबसे पहले निंबोली और बकायन की मींगी को बहुत महीन पीसें। इसके बाद इसमें बाकी सब चीजें मिला दें और अच्छी तरह घोटें। फिर इस मिश्रण की गोलियाँ बना कर सुखा लें।
औषधीय कर्म (Medicinal Actions)
अर्शोध्नी वटी में निम्नलिखित औषधीय गुण है:
- वायुनाशक
- रक्तशोधक
- दस्तावर
- अनुलोमन
- बवासीरहर
चिकित्सकीय संकेत
अर्शोध्नी वटी निम्नलिखित व्याधियों में लाभकारी है:
- बवासीर – खूनी और बादी
- कब्ज
मात्रा एवं सेवन विधि (Dosage)
अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati) की सामान्य औषधीय मात्रा व खुराक इस प्रकार है:
औषधीय मात्रा (Dosage)
| बच्चे | 1 गोली |
| वयस्क | 2 गोली |
सेवन विधि
| दवा लेने का उचित समय (कब लें?) | खाना खाने के पहिले लें |
| दिन में कितनी बार लें? | 2 से 3 बार या अधिकतम एक दिन में 4 बार |
| अनुपान (किस के साथ लें?) | छाछ (मठ्ठा) के साथ लें |
| उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) | कम से कम 4 हफ्ते या चिकित्सक की सलाह लें |
रोगी के स्वास्थ्य के अनुसार अर्शोध्नी वटी के साथ चिकित्सा की अवधि एक से छे महीने तक भी हो सकती है। आप के स्वास्थ्य अनुकूल अर्शोध्नी वटी की उचित मात्रा के लिए आप अपने चिकित्सक की सलाह लें।